लंढौरा स्थित परिवहन विभाग का फिटनेस सेंटर आजकल भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। इस सेंटर पर वाहन स्वामियों से तय फीस से तीन गुना ज्यादा रकम वसूली जा रही है। 1600 रुपये की सरकारी फीस के बदले 5 हजार रुपये की मांग की जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि शिकायतों के बाद भी सिस्टम कुंभकर्णी नींद सोया है।
वाहन स्वामियों का आरोप
लंढौरा स्थित परिवहन विभाग का फिटनेस सेंटर जहां गाड़ियों की फिटनेस नहीं बल्कि जेब की फिटनेस देखी जाती है। स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन स्वामियों का आरोप है कि यहां बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता। खासकर उत्तराखंड के बाहर से आने वाले वाहनों को निशाना बनाया जाता है। सहारनपुर के मनीष कुमार जैन जब अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने पहुंचे तो उनसे सरकारी फीस के बजाय 5 हजार रुपये मांगे गए। जब मनीष ने विरोध किया तो कर्मचारियों ने उन्हें कागजों की कमियां बताकर घंटों चक्कर कटवाए। लेकिन मनीष ने हार नहीं मानी और भ्रष्टाचार के इस खेल की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली।
जैसे ही मीडिया ने इस मामले में दखल दिया सेंटर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जो फाइल घंटों से अटकी थी उसे आनन-फानन में सरकारी शुल्क लेकर पास कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वाल मंडल के रीजनल हेड डॉ. मोहम्मद आवेश खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने माना कि शिकायतें पहले भी आई हैं और जांच के बाद सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। लेकिन सवाल वही है क्या यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा है। कुछ समय पहले भी यहां एक गार्ड को वसूली के आरोप में पुलिस के हवाले किया गया था पर नतीजा सिफर रहा। बड़ा सवाल यह है कि क्या डॉ. आवेश की जांच के बाद यह वसूली रुकेगी या फिर कैमरा हटते ही दोबारा वही पुराना खेल शुरू हो जाएगा।
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