देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर में हाल ही में शहद निष्कासन Honey Extraction का कार्य संपन्न किया गया। पहले चरण में लगभग 60 किलो शहद निकाला गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में 3-बी गार्डन Bee Garden Biodiversity Botanical Garden विकसित करने के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
मौन पालन की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन Beekeeping की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में फूलों की प्रचुर प्रजातियां उपलब्ध हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद Organic Honey उत्पादन में सहायक हो सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाले शहद Medicinal Honey के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थानीय लोगों को इस दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे प्राकृतिक और जैविक तरीके से शहद उत्पादन कर सकें। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से ग्रामीणों के लिए लाभकारी होगा बल्कि राज्य की कृषि और पर्यावरणीय विविधता को भी मजबूत करेगा।
इस पहल के तहत मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय फूलों की प्रजातियों का संरक्षण करें और शहद उत्पादन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपकरण और गाइडलाइंस उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि इससे पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में जैविक और औषधीय शहद उत्पादन को बढ़ावा देने से उत्तराखण्ड के शहद की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और इसे देश-विदेश में विपणन के लिए तैयार किया जा सकेगा।
इस अवसर पर उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित कर्मी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शहद निष्कासन प्रक्रिया का निरीक्षण किया और मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
यह पहल राज्य में जैविक कृषि और प्राकृतिक उत्पादों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो पर्यावरण संरक्षण ग्रामीण विकास और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।