लखनऊ पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह एक दिवसीय वर्कशॉप रिजर्व पुलिस लाइन्स में संपन्न हुई, जिसमें 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।
साइबर टीम को मिली आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग
- इस प्रशिक्षण में साइबर टीम को डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैक करने और ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
- साथ ही, Epieos और Netgrid जैसे एडवांस टूल्स के उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया।
नए उप-निरीक्षकों और हेल्प डेस्क प्रभारी हुए शामिल
- वर्कशॉप में 2023 बैच के उप-निरीक्षक और साइबर हेल्प डेस्क के प्रभारी भी शामिल हुए।
- उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से साक्ष्य जुटाने और विश्लेषण करने की तकनीक सिखाई गई।
संदिग्धों की पहचान और ट्रैकिंग होगी आसान
इस प्रशिक्षण के बाद पुलिस के लिए संदिग्धों की पहचान, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल जांच पहले से कहीं ज्यादा आसान और प्रभावी हो जाएगी।
स्मार्ट पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम
यह पहल लखनऊ पुलिस को डिजिटल अपराधों से निपटने में और अधिक सक्षम बनाएगी। कुल मिलाकर, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मार्ट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।