पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को विभिन्न विभागों और संबद्ध निकायों में अपने 23 पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्य के गृह विभाग की ओर से संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्यमंत्री द्वारा उल्लेखित पदों के साथ-साथ अन्य सभी पदों से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी करें, भले ही कुछ पदों का उल्लेख उनके पत्र में स्पष्ट रूप से न किया गया हो।
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के रूप में विभिन्न बोर्ड, काउंसिल और आयोगों में चेयरपर्सन या सदस्य के तौर पर भी कार्यरत थीं, जिनसे उन्होंने इस्तीफा दिया है। ये पद उनकी संवैधानिक और मंत्री पद की जिम्मेदारियों से अलग माने जाते हैं। इनमें से कुछ पद ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ की श्रेणी में आते हैं, जो चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार को अयोग्य ठहरा सकते हैं। नियमों के अनुसार, नामांकन दाखिल करने से पहले ऐसे पदों से इस्तीफा देना आवश्यक होता है। माना जा रहा है कि इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।
भवानीपुर से चुनाव लड़ रहीं हैं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने संलग्न सूची में शामिल पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।
इन प्रमुख पदों से भी दिया इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने राज्य स्वास्थ्य मिशन के प्रमुख, राज्य वन्यजीव बोर्ड अध्यक्ष, पर्यावरण पर्यटन सलाहकार बोर्ड और पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी के शासी निकाय सहित कई पदों से इस्तीफा दिया है। इसके अलावा उन्होंने बांग्ला संगीत मेला की आयोजन समिति, राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजातीय सलाहकार परिषद, राज्य औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन बोर्ड और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसे निकायों से भी इस्तीफा दिया है।
विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी इस्तीफों को स्वीकार करने के लिए आवश्यक कार्रवाई तुरंत शुरू करें। साथ ही अधिकारियों को बुधवार शाम 4 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र में अनुरोध किया गया है कि सूची में शामिल और अन्य सभी पदों से इस्तीफे को स्वीकार किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम के बाद विभिन्न विभागों में प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।