यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट और हाई स्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान कुछ ऐसे संदेश मिले हैं, जिन्होंने परीक्षकों और अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रामपुर के राजकीय रजा इंटर कालेज और राजकीय मुर्तजा इंटर कालेज में मूल्यांकन के दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल अपने उत्तर लिखे, बल्कि व्यक्तिगत परेशानियों और भावनाओं को भी साझा किया।
गुरुजी मुझे पास कर देना, फेल हो गया तो मेरी शादी टूट जाएगी
एक इंटरमीडिएट परीक्षार्थी ने अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखा - गुरुजी मुझे पास कर देना, फेल हो गया तो मेरी शादी टूट जाएगी। लड़की वालों ने शर्त रखी है कि लड़का कम से कम इंटर पास होना चाहिए। अगर मैं फेल हो गया तो मेरा भविष्य खराब हो जाएगा। शादी के लिए प्लीज, प्लीज, प्लीज मुझे पास जरूर कर देना। छात्र ने आगे लिखा कि उनके परिवार की स्थिति ठीक नहीं है, वे गरीब परिवार से हैं और उनके स्वजन एक उम्मीद से पढ़ाई करवा रहे हैं। फेल होने पर उनके माता-पिता का सपना भी टूट जाएगा।
गुरुजी पास कर देना नहीं तो मां-बाप शादी करा देंगे
इसी तरह, एक छात्रा ने इंटर विज्ञान की कापी में लिखा - गुरुजी पास कर देना नहीं तो मां-बाप शादी करा देंगे। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं, लेकिन ग्रामीण माहौल में आज भी बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर मैं पास हो गई, तो आगे पढ़ सकूंगी। फेल हो गई, तो मेरा विवाह हो जाएगा। गुरुजी मेरा विवाह होने से बचाने के लिए पास कर दें।
पर्यावरण और सामाजिक संदेश
केवल शिक्षा और शादी ही नहीं, बल्कि कुछ छात्रों ने सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को भी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में शामिल किया। एक हाईस्कूल छात्र ने सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में लिखा कि गर्मी के मौसम में अपने घर की छतों पर पक्षियों के लिए पानी रखना जरूरी है। वह खुद एक अभियान चला रहे हैं ताकि पक्षियों को बचाया जा सके।
मूल्यांकन प्रक्रिया पर असर नहीं
अभिलाष कुमार, उप नियंत्रक मूल्यांकन केंद्र, ने बताया कि परीक्षार्थियों की व्यक्तिगत फरियाद उनके नंबर बढ़ाने में कोई असर नहीं डालेंगी। अंक केवल उनके उत्तरों के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। मूल्यांकन प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो रही है।