बीरभूम: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में रविवार को तृणमूल कांग्रेस कार्यालय से पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक आशीष बनर्जी का शव पंखे से लटका मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है। निष्कलंक छवि वाले पूर्व शिक्षक और पांच बार के विधायक की इस तरह अचानक हुई मौत से सभी राजनीतिक दलों के नेता और स्थानीय लोग हैरान हैं।
पार्टी कार्यालय से मिला शव और सुसाइड नोट
रामपुरहाट स्थित घर से सटे टीएमसी कार्यालय के एक कमरे में पंखे से लटकता हुआ आशीष बनर्जी का शव बरामद किया गया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
TMC नेता कुणाल घोष का हमला: "सामाजिक कलंक का डर झेल नहीं पाए"
कालीघाट तृणमूल नेता और विधायक कुणाल घोष ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशीष बनर्जी जैसे बेदाग नेता सामाजिक कलंक का डर सहन नहीं कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अच्छा तृणमूल नेता होने के बावजूद उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा और इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है। कुणाल घोष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

BJP विधायक ध्रुव साहा का पलटवार: "गहनता से हो मामले की जांच"
साल 2026 के चुनाव में आशीष बनर्जी को हराने वाले बीजेपी विधायक ध्रुव साहा ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उनकी मुलाकात आशीष बाबू से हुई थी, लेकिन उनके इस कदम का अंदाजा किसी को नहीं था। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे पारिवारिक या राजनीतिक कारण हो सकते हैं, इसलिए मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
"राजनीति में आना ही भूल थी": सुसाइड नोट का दर्द
आशीष बनर्जी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वे छात्र जीवन से राजनीति में रहे और कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे। अध्यापन के दौरान उन्हें छात्रों से बहुत प्यार मिला, लेकिन अब लगता है कि राजनीति में आना ही उनकी सबसे बड़ी भूल थी।
निष्कलंक छवि और पांच बार के विधायक का सफर
पूर्व प्रोफेसर आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे और राज्य के कृषि मंत्री तथा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का पद भी संभाला। 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से वे सक्रिय राजनीति से काफी हद तक दूरी बनाए हुए थे।
स्थानीय नेताओं और शिष्यों ने जताया गहरा शोक
स्थानीय टीएमसी नेता त्रिदिव भट्टाचार्य ने इस घटना को अत्यंत दर्दनाक बताते हुए कहा कि क्षेत्र ने अपना अभिभावक खो दिया है। मयूकेश्वर-1 पंचायत समिति अध्यक्ष धीरेंद्रनाथ बनर्जी ने कहा कि आशीष बाबू उनके शिक्षक और राजनीतिक गुरु दोनों थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।