अशोकनगर: पश्चिम बंगाल के अशोकनगर तेल क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद वाणिज्यिक स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हो गया है। इस उपलब्धि को राज्य के उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। उत्पादन शुरू होने के साथ ही पहली खेप में करीब 1,200 लीटर अपरिष्कृत कच्चा तेल हल्दिया रिफाइनरी भेजा गया।
समिक भट्टाचार्य ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने अशोकनगर तेल क्षेत्र में उत्पादन शुरू होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सफलता साबित करती है कि पश्चिम बंगाल में उद्योग, प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जा क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
तत्कालीन तृणमूल सरकार पर लगाया देरी का आरोप
समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि तत्कालीन तृणमूल सरकार की ओर से लंबे समय तक मंजूरी नहीं मिलने और प्रशासनिक देरी के कारण अशोकनगर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना अनावश्यक रूप से प्रभावित हुई। उनके अनुसार, इस देरी का नुकसान पश्चिम बंगाल को निवेश, रोजगार और विकास के अवसरों के रूप में उठाना पड़ा।
राज्यसभा में भी उठाया था अशोकनगर तेल क्षेत्र का मुद्दा
भाजपा सांसद ने बताया कि वह अशोकनगर तेल क्षेत्र से जुड़े मुद्दे को लगातार राज्यसभा में उठाते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के समक्ष भी इस परियोजना का मुद्दा रखा था।
प्राकृतिक संसाधनों से आगे बढ़ सकता है पश्चिम बंगाल
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अशोकनगर में तेल उत्पादन शुरू होना यह दिखाता है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध पश्चिम बंगाल के पास आर्थिक और औद्योगिक विकास की बड़ी क्षमता है। उन्होंने कहा कि सही नीति, तेज निर्णय और राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ राज्य में बड़े स्तर पर निवेश और उद्योग को बढ़ावा दिया जा सकता है।
रोजगार और निवेश बढ़ने की उम्मीद
भाजपा नेता ने उद्योगों को भ्रष्टाचार, कथित तौलेबाजी और लालफीताशाही से मुक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हों, निवेश बढ़े और पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था मजबूत बने, इसके लिए उद्योगों को अनुकूल वातावरण देना जरूरी है।