बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले Election Commission of India (ECI) ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी शिकायत पर पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज नहीं करेगी। किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले प्राथमिक जांच अनिवार्य होगी।
पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश
निर्वाचन आयोग ने राज्य के पुलिस अधीक्षकों (SP) और पुलिस आयुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर केंद्रीय बलों के जवान ड्यूटी के दौरान कार्रवाई करते हैं और उस पर विवाद होता है, तो तुरंत मामला दर्ज करने के बजाय पहले तथ्यों की जांच की जाए। आयोग का मानना है कि बिना जांच सीधे एफआईआर करने से सुरक्षा बलों का मनोबल गिर सकता है।
शीतलकूची घटना से जुड़ा संदर्भ
इस फैसले को 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान सीतलकुची में हुई हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। उस घटना में केंद्रीय बलों की फायरिंग में पांच ग्रामीणों की मौत हो गई थी। बाद में संबंधित जवानों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जो फिलहाल कलकत्ता उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
मुर्शिदाबाद में सुरक्षा पर विशेष फोकस
निर्वाचन आयोग ने मुर्शिदाबाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए हैं। यहां पहले से तैनात 17 कंपनियों के केंद्रीय बलों का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नियमित बैठकें करने पर जोर दिया गया है।