सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी इस बार पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है और 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
दीपांकर भट्टाचार्य की नजर बंगाल पर
पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य बिहार और झारखंड में मिले अच्छे प्रदर्शन के बाद अब बंगाल में जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, राज्य में पार्टी की पकड़ अभी कमजोर मानी जाती है।
वाम मोर्चा के साथ गठबंधन
माले इस चुनाव में वाम मोर्चा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। पार्टी का कहना है कि भाजपा-आरएसएस के खिलाफ लड़ाई और राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देना उनका मुख्य लक्ष्य है।
10 सीटों पर चुनाव, सूची बाद में
राज्य समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उम्मीदवारों के नामों की घोषणा अभी बाकी है और जल्द ही सूची जारी की जाएगी।
उपचुनाव में नहीं मिला खास फायदा
नवंबर 2024 में हुए उपचुनावों में माले ने नैहाटी सीट से उम्मीदवार उतारा था, लेकिन उम्मीदवार देबज्योति मजूमदार को करीब 7,500 वोट ही मिले। इससे पार्टी को बंगाल में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।
ISF के साथ गठबंधन पर सस्पेंस
वाम मोर्चा ने 192 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन आईएसएफ के साथ गठबंधन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अब देखने वाली बात होगी कि इस गठबंधन के साथ माले बंगाल की राजनीति में कितना असर छोड़ पाती है।
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