खरगपुर: पश्चिम बंगाल सरकार में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं कृषि विपणन मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार दोपहर खरगपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र स्थित विद्यासागर इंडस्ट्रियल पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकार के कार्यकाल में पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ किया कि अवैध रूप से धन लूटने वालों को सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
350 ग्राम पंचायतों में विशेष ऑडिट का फैसला
ग्राम पंचायतों में धांधली का पता लगाने के उद्देश्य से राज्य की लगभग 10 प्रतिशत यानी 350 ग्राम पंचायतों में विशेष ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बिना वर्क ऑर्डर सड़कों के निर्माण और टेंडर की समीक्षा
दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पड़ताल का हवाला देते हुए मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि चुनाव से पहले कई विकास कार्यों और निविदाओं (टेंडर्स) की समीक्षा की जा रही है। बिना किसी आधिकारिक 'वर्क ऑर्डर' के बनाई गई सड़कों का रिव्यू किया जा रहा है और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों में ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये का वित्तीय भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी पूर्ण जांच में थोड़ा समय लगेगा।
आवास योजना में धांधली: 12,500 अयोग्य लाभार्थियों को नोटिस
प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई अनियमिताओं पर बोलते हुए मंत्री ने खुलासा किया कि राज्य में 12,500 अयोग्य लोगों ने इस योजना के तहत गलत तरीके से राशि प्राप्त कर ली थी। इनमें से लगभग 1,000 लोगों ने राशि वापस कर दी है, जबकि शेष अयोग्य लाभार्थियों को वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और विधानसभा में संशोधन विधेयक
गौरतलब है कि सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में राज्य विधानसभा में हाल ही में पंचायत संशोधन विधेयक पारित कराया गया है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक सुधार लाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।