कोलकाता : कोलकाता में बिल्डर से रंगदारी और गुंडागर्दी के गंभीर मामले में कस्वा पुलिस ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नंबर 67 के पूर्व टीएमसी पार्षद बीजनलाल मुखर्जी के बेटे सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक स्थानीय बिल्डर को धमकाने, लगभग 34 लाख की रंगदारी मांगने और हथियार लहराने का आरोप है।
18 जुलाई को कस्वा थाने में दर्ज हुई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत जुलाई के मध्य में हुई थी। कस्वा इलाके में बहुमंजिला इमारत का निर्माण करा रहे एक स्थानीय बिल्डर ने 18 जुलाई को लालबाजार और स्थानीय कस्वा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। बिल्डर का आरोप था कि सम्राट मुखर्जी और उसके सहयोगी निर्माण कार्य जारी रखने के बदले 34 लाख की भारी-भरकम राशि की मांग कर रहे थे और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। सबूतों और पीड़ित के बयानों के आधार पर कस्वा थाना पुलिस ने सम्राट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत रंगदारी मांगने, धमकाने और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें कड़ा अस्त्र अधिनियम भी जोड़ा गया है। पुलिस की टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया।
सिंडिकेट और रंगदारी पर गरमाई राजनीति
कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में प्रमोटिंग, निर्माण कार्य और सिंडिकेट राज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। पूर्व पार्षद के बेटे की गिरफ्तारी के बाद कस्वा और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी पार्टी पर हमलावर है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक प्रभाव कितना भी क्यों न हो।