कोलकाता: धर्मतल्ला में हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्टों के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार अब और सख्त रुख अपनाती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंसा और अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने आरोपियों को "गुंडे" बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गुंडा दमन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
'पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर हमला'
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और ड्यूटी के दौरान पत्रकारों पर हमला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गुंडा दमन कानून के इस्तेमाल के संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, हिंसा फैलाने और संगठित उपद्रव करने वालों के खिलाफ हाल ही में लागू किए गए पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण अधिनियम, 2026 (लोकप्रिय रूप से गुंडा दमन कानून) का उपयोग किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पहले भी हुई हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बाकी आरोपियों की भी पहचान की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।