खरदह: राजनीति में विचारधारा की लड़ाई अक्सर अनोखे संकल्पों को जन्म देती है। पश्चिम बंगाल के खरदह से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ता शंकर राय ने 14 साल बाद अपनी दाढ़ी कटवाई है। शंकर राय ने साल 2011 में यह 'भीष्म प्रतिज्ञा' ली थी कि जब तक राज्य से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार का पतन नहीं होगा, वे अपने चेहरे पर उस्तरा नहीं चलवाएंगे।
गठबंधन टूटने और दलबदल से थे आहत
प्रियनगर इलाके के निवासी शंकर राय ने बताया कि 2011 में कांग्रेस के समर्थन से तृणमूल सत्ता में आई थी, लेकिन बाद में गठबंधन टूटने से वे काफी दुखी हुए। इसके बाद कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं के पाला बदलकर तृणमूल में शामिल होने से उनका आक्रोश और बढ़ गया। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने दाढ़ी न काटने की कसम खाई थी। वर्षों बीत गए, लोग पूछते रहे, लेकिन शंकर राय अपने फैसले पर अडिग रहे।
उत्सव के माहौल में कटी दाढ़ी
शनिवार को खरदह के प्रफुल्लनगर में एक अलग ही नजारा था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयदेव घोष और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में शंकर राय की दाढ़ी काटी गई। इस दौरान 'वंदे मातरम' के नारों और कांग्रेस के झंडों के बीच एक छोटे उत्सव जैसा माहौल बन गया।दाढ़ी कटवाने के बाद भावुक शंकर राय ने कहा, "14 साल तक हर कोई मुझसे एक ही सवाल पूछता था कि दाढ़ी क्यों नहीं काट रहे? आज मुझे ऐसा लग रहा है जैसे सीने से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया है।" उन्होंने तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कांग्रेस के कंधे पर चढ़कर वे सत्ता में आए थे, उसी को उन्होंने खत्म करने की कोशिश की, लेकिन आज सत्ता परिवर्तन ने सब साफ कर दिया है।