पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान दक्षिण 24 परगना के फलता विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी प्रत्याशी ने आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर ईवीएम में उनके चुनाव चिन्ह को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थिति संभालने के लिए केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है।
ईवीएम को लेकर गंभीर आरोप
बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पांडा का कहना है कि बूथ नंबर 189 और 190 पर ईवीएम मशीनों में उनके चुनाव चिन्ह पर कथित तौर पर सेलोटेप लगाया गया था। उनका आरोप है कि यह मतदाताओं को भ्रमित करने और वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है।
बूथ पर बढ़ा तनाव
मामले के सामने आते ही बूथ के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। बीजेपी प्रत्याशी के पहुंचने पर तृणमूल समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच बहस तेज हो गई, जो देखते ही देखते तनाव में बदल गई। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा।
केंद्रीय बलों की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों ने हल्का लाठीचार्ज किया और भीड़ को हटाया। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मतदान प्रक्रिया कुछ देर के लिए प्रभावित हुई।
बीजेपी की नाराजगी
बीजेपी प्रत्याशी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बूथ के अंदर जाने से रोका गया और सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस का जवाब
तृणमूल कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी हार की आशंका में बेबुनियाद आरोप लगा रही है। पार्टी का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से हो रहा है।
चुनाव आयोग की सख्ती
चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बूथ से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने संकेत दिया है कि यदि किसी भी तरह की अनियमितता साबित होती है तो पुनर्मतदान पर विचार किया जा सकता है।