कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में पोस्टर विवाद ने एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। कोलकाता के चेतला इलाके में वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता फिरहाद हकीम के आवास के पास ‘गद्दार’ लिखे पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। पोस्टर में फिरहाद हकीम और उनके परिवार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। खास बात यह है कि पोस्टर पर 82 नंबर वार्ड की युवा तृणमूल कांग्रेस का नाम भी लिखा बताया जा रहा है। हालांकि, संगठन से जुड़े कुछ सदस्यों ने पोस्टर लगाने में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
‘गद्दार’ पोस्टर में बेटी और दामाद का जिक्र
पोस्टर पर लिखे संदेश में फिरहाद हकीम को निशाना बनाते हुए उनकी बेटी और दामाद का उल्लेख किया गया है। संदेश में ‘खून या भक्ति’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सवाल उठाए गए हैं। इस पोस्टर के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पोस्टर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
युवा तृणमूल कांग्रेस के नाम पर विवाद
पोस्टर पर युवा तृणमूल कांग्रेस का नाम लिखे होने से विवाद और बढ़ गया है। संगठन से जुड़े कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर पोस्टर से दूरी बनाते हुए कहा है कि इसे संगठन की ओर से नहीं लगाया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पोस्टर पर संगठन का नाम किसने इस्तेमाल किया और इसके पीछे किसकी भूमिका है।
फिरहाद हकीम की बेटी ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट के मुताबिक, फिरहाद हकीम की बेटी प्रियदर्शिनी हकीम ने इस तरह के पोस्टर लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। वहीं, इस मामले पर फिरहाद हकीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्टर लगाने वालों की पहचान पर उठे सवाल
चेतला में सामने आए इस पोस्टर विवाद के पीछे कौन है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टर पर युवा तृणमूल कांग्रेस का नाम होने और संगठन के कुछ सदस्यों के इनकार के बाद मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान होती है या नहीं और इस विवाद पर पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।