नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 15 साल पुराने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन का अंत कर बीजेपी ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। जहाँ ममता बनर्जी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है, वहीं अब आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी की 'जीत के कौशल' पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केजरीवाल का तीखा वार: 'यह कैसे संभव है?'
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केजरीवाल ने लिखा कि 2015 और 2016 में जब पूरे देश में 'मोदी लहर' चरम पर थी, तब भी बीजेपी दिल्ली और बंगाल में सत्ता हासिल नहीं कर पाई थी और केवल 3-3 सीटों पर सिमट गई थी। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अब ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कम होने के दावे किए जा रहे हैं, बीजेपी ने इन दोनों राज्यों में सरकार कैसे बना ली?
बंगाल 2026: धराशायी हुई ममता की 'युवा साथी' योजना
पश्चिम बंगाल की 293 सीटों में से बीजेपी ने 206 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की है। 15 साल तक सत्ता में रही टीएमसी महज 81 सीटों पर रुक गई। खुद ममता बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी से 15,000 से अधिक वोटों से हार गईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने टीएमसी के 'भत्ता कार्ड' को फेल कर दिया।
दिल्ली 2025: आप के किले में सेंध
बता दें कि पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर आप के शासन को खत्म कर दिया था। केजरीवाल की पार्टी को केवल 22 सीटें मिली थीं और खुद केजरीवाल चुनाव हार गए थे। दिल्ली में आप की हार के पीछे आबकारी नीति मामले और मनीष सिसोदिया व सत्येंद्र जैन जैसे नेताओं की गिरफ्तारी को बड़ी वजह माना गया। हालांकि, कुछ महीने पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने इन नेताओं को बरी कर दिया था, जिसके बाद केजरीवाल ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला था।