कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की संभावित तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दोनों नगर निगमों के चुनाव कराए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, मतदान की तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है। इस बीच, ईवीएम में ‘नोटा’ का विकल्प नहीं होने की चर्चा ने भी ध्यान खींचा है।
कोलकाता के 4,711 बूथों पर मतदान की तैयारी
कोलकाता नगर निगम चुनाव के लिए कुल 4,711 मतदान केंद्रों पर वोटिंग कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पीठासीन अधिकारी सहित प्रथम, द्वितीय और तृतीय मतदान अधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी चल रही है। शुरुआती योजना के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए कुल 22,613 मतदानकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
3 नवंबर से शुरू हो सकता है मतदानकर्मियों का प्रशिक्षण
चुनाव की तैयारियों के तहत मतदानकर्मियों का प्रशिक्षण 3 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। इससे संकेत मिलते हैं कि चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा से पहले ही आयोग प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा है। हालांकि, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
EVM में नहीं होगा NOTA का विकल्प?
नगर निगम चुनाव में ईवीएम पर ‘नोटा’ यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया है। इसलिए ईवीएम में नोटा की उपलब्धता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मुद्दे पर आयोग के औपचारिक फैसले का इंतजार करना होगा।
चुनाव में राज्य पुलिस की तैनाती की योजना
कोलकाता और हावड़ा, दोनों नगर निगमों में मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस पर भरोसा किए जाने की संभावना है। आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया राज्य पुलिस की तैनाती में संपन्न कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अंतिम तस्वीर आधिकारिक दिशा-निर्देशों के बाद ही सामने आएगी।
राज्य सरकार की मंजूरी पर टिकी निगाहें
दिसंबर के दूसरे सप्ताह को चुनाव के लिए संभावित समय माना जा रहा है, लेकिन अभी तक मतदान कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ राज्य सरकार की मंजूरी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में कोलकाता और हावड़ा के मतदाताओं को चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। लंबे समय से चुनाव की तारीखों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच दिसंबर के दूसरे सप्ताह की संभावित समयसीमा ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हालांकि, चुनाव की तारीख, नोटा के विकल्प और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।