हावड़ा: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तृणमूल कांग्रेस के ममता समर्थक नेता कुणाल घोष और हावड़ा सिटी पुलिस के बीच मामला चर्चा में है। 23 अक्टूबर को पुलिस की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद कुणाल घोष गुरुवार को हावड़ा सिटी पुलिस की साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खुद को सनातन धर्म का अनुयायी बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पुलिस के नोटिस के बाद साइबर क्राइम सेल पहुंचे कुणाल घोष
मामला हावड़ा के रामकृष्णपुर घाट और कोलकाता के बाजे कदमतला घाट पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट का है। इसी सिलसिले में हावड़ा सिटी पुलिस ने 23 अक्टूबर को कुणाल घोष को नोटिस जारी किया था। इसके बाद वह आज साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों के सामने उपस्थित हुए।
'मैं हिंदू हूं और सनातन धर्म में विश्वास रखता हूं'
पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कुणाल घोष ने कहा कि वह स्वयं हिंदू हैं और सनातन धर्म में आस्था रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह कई पूजा आयोजनों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से किसी का अपमान करने का सवाल ही नहीं उठता।
'सनातनी साबित करने के लिए सभी दस्तावेज लेकर आया हूं'
कुणाल घोष ने कहा कि वह अपने पक्ष में सभी जरूरी दस्तावेज लेकर आए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हावड़ा सिटी पुलिस के पास कोई दूसरा काम नहीं है? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को बेवजह परेशान कर रही है।
पोस्ट डिलीट करने से किया इनकार
इस पूरे मामले में कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि उन्होंने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट नहीं किया है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।