कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और लंबे समय तक राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन के बाद उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने मीरा भट्टाचार्य की सुरक्षा व्यवस्था दोबारा बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत कोलकाता के पाम एवेन्यू स्थित उनके आवास पर फिर से सरकारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
कौन हैं मीरा भट्टाचार्य और क्यों दी जाती थी सुरक्षा?
मीरा भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की पत्नी हैं। बुद्धदेव भट्टाचार्य वर्ष 2000 से 2011 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे थे। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी, जो उनके परिवार के लिए भी जारी रही। बुद्धदेव भट्टाचार्य का 8 अगस्त 2024 को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य और पुत्र सुचेतन पाम एवेन्यू स्थित उसी छोटे और साधारण फ्लैट में रह रहे हैं, जहां बुद्धदेव भट्टाचार्य अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के बाद भी बेहद सादगीपूर्ण जीवन बिताते थे।
बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन के बाद सुरक्षा हटाने पर हुआ था विवाद
बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन के बाद आरोप लगे थे कि तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पाम एवेन्यू स्थित उनके आवास की सुरक्षा व्यवस्था हटा दी थी। इस फैसले को लेकर राजनीतिक स्तर पर काफी चर्चा और विवाद हुआ था। वामपंथी नेताओं और समर्थकों ने उस समय सुरक्षा हटाने के फैसले पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को अचानक खत्म करना उचित नहीं था।
नई सरकार ने लिया सुरक्षा बहाल करने का फैसला
मई महीने में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। नई सरकार ने अब मीरा भट्टाचार्य की सुरक्षा व्यवस्था को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है।सरकार के इस कदम को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लिया गया फैसला माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भले ही वर्तमान सरकार और वामपंथी विचारधारा के बीच राजनीतिक संघर्ष जारी है, लेकिन मीरा भट्टाचार्य के मामले में सरकार ने सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार का संदेश देने की कोशिश की है।
मीरा भट्टाचार्य ने भी किया था नई सरकार का स्वागत
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मीरा भट्टाचार्य ने नई सरकार का स्वागत किया था। उन्होंने वैचारिक मतभेदों को अलग रखते हुए नई सरकार की सराहना की थी। मीरा भट्टाचार्य ने सार्वजनिक रूप से उम्मीद जताई थी कि बंगाल में एक बार फिर शांतिपूर्ण माहौल और बेहतर प्रशासन की वापसी होगी। उन्होंने कहा था कि 2011 से पहले जिस तरह राज्य में ‘सिंडिकेट राज’ जैसी स्थिति नहीं थी, उसी तरह नई सरकार के दौर में भी सिंडिकेट-मुक्त और सुशासन वाला बंगाल देखने को मिले।
राजनीतिक गलियारों में फैसले की चर्चा
मीरा भट्टाचार्य की सुरक्षा बहाली के फैसले को बंगाल की राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह कदम राजनीतिक विरोध से अलग हटकर पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को दर्शाता है। अब 59 ए, पाम एवेन्यू स्थित उस छोटे से फ्लैट में फिर से सरकारी सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी देखने को मिलेगी, जहां बुद्धदेव भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी आम नागरिक की तरह बेहद सादा जीवन बिताया था।