कोलकाता: उत्तर बंगाल की खूबसूरत पर्यटन नगरी मिरिक को जल्द ही नया स्वरूप मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने मिरिक झील और उसके आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के मेगा टूरिज्म मास्टरप्लान की घोषणा की है। पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने बुधवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ऐलान करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मिरिक को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाना है।
झील का होगा सौंदर्यीकरण, बढ़ेंगी एडवेंचर गतिविधियां
परियोजना के तहत मिरिक झील का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। झील के किनारों को आकर्षक बनाया जाएगा, जबकि बोटिंग, वॉक-वे और उद्यानों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पैराग्लाइडिंग, जिपलाइन और वाटर स्पोर्ट्स जैसी एडवेंचर गतिविधियां भी शुरू करने की योजना है।
पर्यटन से रोजगार और आर्थिक विकास पर जोर
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे आर्थिक विकास और स्थानीय लोगों के रोजगार का मजबूत माध्यम बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में सिलीगुड़ी में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ‘एक्सपीरियंस बंगाल 2.0’ अभियान के तहत मिरिक सहित उत्तर बंगाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
उत्तर बंगाल को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर लाने की तैयारी
मंत्री ने कहा कि बंगाल के पास पहाड़ और समुद्र दोनों की प्राकृतिक संपदा है। सरकार का लक्ष्य मिरिक, दार्जिलिंग और पूरे उत्तर बंगाल को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और स्थानीय लोगों की आय के नए अवसर पैदा हों।
मास्टरप्लान की प्रमुख विशेषताएं
* मिरिक झील के किनारों का सौंदर्यीकरण और आधुनिक वॉक-वे का निर्माण।
* पैराग्लाइडिंग, जिपलाइन और वाटर स्पोर्ट्स जैसी नई एडवेंचर गतिविधियों की शुरुआत।
* टूरिस्ट हब, पार्किंग, शौचालय, हाई-मास्ट लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण।
बैली ब्रिज से आसान होगा सफर, स्थानीय कारोबार को मिलेगा लाभ
दूधिया में बने नए बैली ब्रिज के कारण मिरिक और सिलीगुड़ी के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है। सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और नए पर्यटन विकास कार्यों से होटल, होम-स्टे, रेस्तरां और स्थानीय व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। पर्यटन विभाग जल्द ही इस परियोजना का विस्तृत कार्ययोजना जारी करेगा।
पर्यटन क्षेत्र में नई पहचान की ओर मिरिक
सरकार का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद मिरिक न केवल उत्तर बंगाल बल्कि पूरे देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के बेहतर संरक्षण के साथ मिरिक देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगा।