कोलकाता: SSC 2016 के योग्य शिक्षक-शिक्षिका और शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। योग्य शिक्षक-शिक्षिका-शिक्षाकर्मी ऐक्य मंच के कन्वेनर सुमन विश्वास ने पत्रकार सम्मेलन में सरकार से जल्द बातचीत करने की मांग की।
नौकरी में योग्य उम्मीदवारों की बहाली की मांग
सुमन विश्वास ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि सभी योग्य उम्मीदवारों को नौकरी में पुनर्बहाल किया जाए। साथ ही योग्य वेटिंग उम्मीदवारों को चिह्नित अयोग्य उम्मीदवारों के पदों पर नियुक्ति देने की मांग की गई है।
17 महीने से वेतन बंद, शिक्षाकर्मियों की बहाली की मांग
मंच ने दावा किया कि योग्य शिक्षाकर्मियों का पिछले 17 महीने से वेतन बंद है। संगठन ने ऐसे सभी योग्य शिक्षाकर्मियों को नौकरी में पुनर्बहाल करने की मांग सरकार के सामने रखी है।
मृत शिक्षकों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
सुमन विश्वास ने संस्थागत भ्रष्टाचार के कारण जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
डोरिना क्रॉसिंग से रानी रासमणि एवेन्यू तक प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी जुलूस निकालकर डोरिना क्रॉसिंग पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस का दबाव शुरू हुआ और प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा निर्धारित रानी रासमणि एवेन्यू में शांतिपूर्ण सभा के लिए जाना पड़ा।
पुलिस पर जबरन प्रिजन वैन में ले जाने का आरोप
मंच का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाया और अंततः प्रदर्शनकारियों को जबरन प्रिजन वैन में बैठाकर ले जाया गया। सुमन विश्वास ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया।
महिला शिक्षिकाओं से कथित दुर्व्यवहार का आरोप
सुमन विश्वास ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला शिक्षिकाओं के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। बाद में महिला पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद शिक्षिकाओं को गिरफ्तार नहीं करने की बात कही गई।
12 अगस्त के विशेष विधानसभा सत्र में विधेयक लाने की मांग
मंच ने 12 अगस्त को विधानसभा के विशेष अधिवेशन में उनकी मांगों को लेकर विधेयक लाने की मांग की है। संगठन चाहता है कि OMR के आधार पर योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार कर उसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
सुमन विश्वास ने कहा कि सरकार अगले एक सप्ताह के भीतर आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
24 अगस्त को सियालदह से धर्मतला तक मार्च
सरकार के साथ बातचीत नहीं होने की स्थिति में 24 अगस्त को सियालदह से धर्मतला तक फिर से मार्च निकालने का ऐलान किया गया है। मंच ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है।