कोलकाता: 16 अगस्त 1946 का दिन भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक माना जाता है। इसी दिन हुए सांप्रदायिक दंगों को इतिहास में ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ और ‘द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के नाम से जाना जाता है। इस त्रासदी की 80वीं बरसी पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और इतिहास से सीख लेने की अपील की।
हजारों लोगों ने गंवाई थी जान
सुवेंदु अधिकारी ने अपने संदेश में 16 अगस्त 1946 को याद करते हुए कहा कि उस समय कोलकाता हिंसा और रक्तपात के भयावह दौर में चला गया था। सांप्रदायिक दंगों के दौरान हजारों निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने इस घटना को इतिहास का ऐसा काला अध्याय बताया, जिसे कभी भुलाया नहीं जाना चाहिए।

‘सांप्रदायिक नफरत ने मचाई तबाही’
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में हिंसा के लिए “तत्कालीन शासन द्वारा भड़काई गई सांप्रदायिक नफरत” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में फैली नफरत ने समाज के ताने-बाने को बुरी तरह प्रभावित किया और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
पीड़ितों की स्मृति को नमन
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वह उन सभी लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने उन भयावह दिनों में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में लोगों का दर्द और हुई भारी जनहानि सामूहिक स्मृति से कभी मिटनी नहीं चाहिए।
‘तुष्टीकरण की राजनीति से सीख लेना जरूरी’
अपने संदेश में सुवेंदु अधिकारी ने तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अतीत की गलतियों से सीख लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में सामाजिक सौहार्द और मानवता का ऐसा भयावह पतन दोबारा न हो।
इतिहास से सीख लेने की अपील
सुवेंदु अधिकारी के पोस्ट में 1946 के दंगों से जुड़े हिंसक दृश्यों वाला एक ग्राफिक पोस्टर भी साझा किया गया। संदेश के जरिए लोगों से इतिहास को याद रखने और उससे सबक लेने की अपील की गई, ताकि समाज में दोबारा ऐसी सांप्रदायिक हिंसा और रक्तपात की स्थिति पैदा न हो।