कोलकाता: राज्य की राजनीति, प्रशासनिक सुधार और समसामयिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई अहम विषयों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाने की बात हो, पंचायत भर्ती व्यवस्था में बदलाव, मैंग्रोव क्षेत्रों में अवैध निर्माण, टैक्सी व्यवस्था, तसलीमा नसरीन की वापसी या फिर फीफा विश्व कप- मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी।
वंदे मातरम् को अनिवार्य बनाने के लिए लाया जाएगा कानून
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कानून पहले ही बन जाना चाहिए था। उनका कहना था कि दुनिया के किसी भी देश में कोई अपने राष्ट्रीय गीत का अपमान करने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन यहां राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों का मजाक उड़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने का किसी को अधिकार नहीं है। सरकार का मानना है कि वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जाना चाहिए और इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई इस कानून का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सुनिश्चित करना है।
एटीएस मॉडल पर बोले- जहां जो सफल हुआ, उसे अपनाएंगे
एटीएस मॉडल को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी एक विशेष मॉडल पर काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के जिन राज्यों में जो व्यवस्था सफल साबित हुई है, सरकार उसे अपनाने में कोई संकोच नहीं करेगी। उनका कहना था कि किसी एक मॉडल से बंधने के बजाय जनता के हित में जो भी व्यवस्था प्रभावी होगी, उसे पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा। सरकार का फोकस परिणाम देने वाली नीतियों पर रहेगा। उन्होंने दोहराया कि अलग मॉडल बनाने के बजाय सफल व्यवस्थाओं को अपनाना ही सरकार की प्राथमिकता है।
विधानसभा में विभागवार बजट और तीन विधेयकों पर सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे सप्ताह विधानसभा में विभागवार बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि इसमें कुछ देरी हुई है, लेकिन सरकार पहले ही वित्त मंत्री के माध्यम से विभिन्न विभागों के लिए धन आवंटित कर चुकी है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि भत्तों से लेकर कर्मचारियों के वेतन तक में वृद्धि की गई है, जिससे सभी संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत विभाग में काम शुरू हो चुका है। पहले जिस व्यवस्था के तहत मनरेगा में काम नहीं हो पाता था, अब उसके लिए अलग से धन का आवंटन किया जाएगा ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
पंचायत भर्ती में होगा बड़ा बदलाव, पीएससी के जरिए होगी नियुक्ति
पंचायत भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उचित समय पर अधिसूचना जारी करेगी। इस विषय पर लगातार चर्चा चल रही है और इसके लिए विधेयक भी लाना होगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर होने वाली भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत पंचायतों में भर्ती की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग (पीएससी) को दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव के बाद भर्ती प्रक्रिया नई व्यवस्था के अनुसार संचालित होगी। फिलहाल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मैंग्रोव क्षेत्रों में अवैध निर्माण की होगी जांच
मैंग्रोव जंगलों को नुकसान पहुंचाकर रिसॉर्ट और अन्य निर्माण किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई वन क्षेत्रों में होटल और मकान बना दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नदी और समुद्र के किनारे भी अवैध निर्माण हुए हैं, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माणों के कारण नदी के बांध भी प्रभावित हो रहे हैं और कई स्थानों पर नुकसान की स्थिति बन रही है। सरकार इन सभी मामलों की जांच कर रही है और पूरे मामले का ऑडिट कराया जा रहा है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
टैक्सी व्यवस्था के लिए बनेगा नया नियम
राज्य में टैक्सी चालकों के लिए नई व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक इस क्षेत्र के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं था। सरकार अब इसे एक व्यवस्थित नियम के दायरे में लाने जा रही है, जिससे यात्रियों और सेवा प्रदाताओं दोनों को सुविधा मिले। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों की सुविधा के लिए टोटो (ई-रिक्शा) शुरू किए गए थे, लेकिन अब वे कई जगहों पर यातायात जाम का कारण बन गए हैं। इसी तरह टैक्सी व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मेदिनीपुर के एसपी और डीएम को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
तसलीमा नसरीन पर बोले- जिस तरह निकाला गया, वह शर्मनाक था
तसलीमा नसरीन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय उन्हें पश्चिम बंगाल छोड़ने पर मजबूर किया गया था, वह दिन उन्हें अच्छी तरह याद है। उन्होंने कहा कि दोपहर के समय अचानक आगजनी, बमबाजी और दहशत का माहौल बन गया था, जबकि बच्चे स्कूल से लौट रहे थे और लोग अपने परिवार के साथ घर जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय सीपीएम सरकार कुछ नहीं कर सकी और सेना तक बुलानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश की जो स्थिति रही है, उससे भी खराब हालात उस समय पश्चिम बंगाल में थे और बाद में तृणमूल कांग्रेस भी उसी रास्ते पर चली। उन्होंने कहा कि यदि कानून के अनुसार कोई बाधा नहीं है तो तसलीमा नसरीन भारत आ सकती हैं। जिस तरह उन्हें अपमानित कर राज्य से बाहर जाना पड़ा, वह पूरे बंगाल के लिए शर्म की बात थी।
केरल में कार्यक्रम हुए, लेकिन बंगाल नहीं आ सकीं: तसलीमा के बयान पर प्रतिक्रिया
तसलीमा नसरीन के इस बयान पर कि उन्होंने केरल में वाम सरकार के दौरान भी कार्यक्रम किए लेकिन पश्चिम बंगाल नहीं आ सकीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय पूरा बंगाल कट्टरपंथियों के प्रभाव में चला गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे सीपीएम हो या तृणमूल कांग्रेस, दोनों ने कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा दिया, जिसके कारण ऐसी स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दल की हो, कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक माहौल बनाए रखना हर सरकार की जिम्मेदारी है।
फीफा विश्व कप पर भी दी प्रतिक्रिया
फीफा विश्व कप को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पहले से विश्वास था कि स्पेन की टीम ही खिताब जीतेगी। उन्होंने स्पेन की टीम को युवा खिलाड़ियों से भरी हुई टीम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से लियोनेल मेसी के प्रशंसक हैं, लेकिन इस बार स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप अपने नाम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें स्पेन की जीत की पहले से उम्मीद थी।