कोलकाता: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भाजपा नेता तपस राय ने दिल्ली और पश्चिम बंगाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से देश और राज्य में जो गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, वे राष्ट्रविरोधी हैं और इनके पीछे विदेशी फंडिंग के जरिए भारत की स्थिरता को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की प्राथमिकता भारत माता, देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति नहीं है, उनके बारे में वह कुछ नहीं कहना चाहते।
धर्मतला हिंसा और गिरफ्तारियों पर निशाना
तपस राय ने शुक्रवार को धर्मतला में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार लोगों के संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है। राय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जिन नामों का उल्लेख किया, वे तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उनके अनुसार, इस तरह का व्यवहार असभ्य है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
'राष्ट्रवादी जनता ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं करेगी'
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देशवासियों की भावनाओं और आकांक्षाओं का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो गतिविधियां इस समय की जा रही हैं, उन्हें देश की राष्ट्रवादी जनता अच्छी नजर से नहीं देख रही है और ऐसे प्रयासों का विरोध करेगी।
परिसीमन कानून के अनुसार होगा
विधानसभा में परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर तपस राय ने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही संपन्न होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में जो भी निर्णय होगा, वह संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत ही लिया जाएगा।
मनीष गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई पर क्या बोले?
21 जुलाई की घटना में मनीष गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर तपस राय ने कहा कि कानून मौजूद है और मामले के लिए निर्धारित अदालतें भी हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।