पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की है। आयोग के अनुसार, मतगणना के बाद भी 500 कंपनियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगी।
मतदान की तारीखें और कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी।
- 9 अप्रैल: असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा
- 23 अप्रैल: तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र
- पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा
वोटिंग के दिन मिलेगा सवैतनिक अवकाश
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135बी के तहत मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश मिलेगा। इसमें दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिक भी शामिल हैं।
बाहर काम करने वाले मतदाताओं को भी सुविधा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर काम कर रहे हैं, उन्हें भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
सख्त निर्देश जारी
भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर मतदाता स्वतंत्र और सुगमता से मतदान कर सके।