पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद सामने आई हिंसक घटनाओं को लेकर निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए और तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
दो मौतों और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता
राज्य में हाल ही में अलग-अलग जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कथित तौर पर दो लोगों की मौत हुई है और कई राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है। इसके बाद चुनाव आयोग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
'किसी भी कीमत पर शांति बनाए रखें' – EC
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आयोग ने साफ कहा है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश पर कठोर कार्रवाई की जाए। आयोग ने दो टूक कहा है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन और केंद्रीय बलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को सतर्क रहने को कहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। साथ ही दोनों एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है ताकि हालात नियंत्रण में रहें।