कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने ई-रिक्शा यानी टोटो के संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), राज्य राजमार्ग (SH) और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर टोटो के अनधिकृत संचालन को रोकने का आदेश दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. रवि इंदर सिंह ने 7 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के डीजीपी को पत्र भेजा है। पत्र में पुलिस अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए टोटो की अनुमति
परिवहन विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के 8 अक्टूबर 2014 के दिशा-निर्देशों के तहत ई-रिक्शा का उद्देश्य मुख्य रूप से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इसी आधार पर पश्चिम बंगाल सरकार ने 28 जुलाई 2016 के आदेश के जरिए टोटो को निर्धारित स्थानीय सड़कों पर चलाने की अनुमति दी थी। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अन्य प्रमुख सड़कों पर इनके संचालन पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, सक्षम प्राधिकारी की विशेष अनुमति होने पर अपवाद की स्थिति हो सकती है।
ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता
सरकार के सामने लगातार ऐसी शिकायतें पहुंच रही थीं कि टोटो राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर नियमों का उल्लंघन कर चल रहे हैं। परिवहन विभाग ने कहा कि इससे कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो रही है। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। विभाग ने इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नियमों के सख्त प्रवर्तन का फैसला लिया है।
पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश
परिवहन विभाग ने डीजीपी से कहा है कि सभी अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए जाएं। अधिकारियों को NH, SH और अन्य प्रमुख सड़कों पर टोटो के अनधिकृत संचालन को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले टोटो चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने पूरे मामले को अति आवश्यक (URGENT) बताया है।
पहले भी जारी हो चुके हैं दिशा-निर्देश
परिवहन विभाग ने अपने पत्र में टोटो के संचालन को लेकर पहले जारी किए गए कई आदेशों और दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया है। इनमें 28 अप्रैल 2015 को जारी दिशा-निर्देश, 5 सितंबर 2023 का आदेश और 9 अक्टूबर 2023 का आदेश शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन सभी नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करना है। अब पुलिस प्रशासन से इन निर्देशों के अनुपालन और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।