कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चौथी अतिरिक्त (सप्लीमेंट्री) वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में करीब 2 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, ‘विचाराधीन’ वोटरों में से कितनों के नाम हटाए गए, इस पर आयोग ने अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस सूची में शामिल 40 से 45 प्रतिशत नामों को खारिज किया गया है, लेकिन इसका आधिकारिक डेटा अलग से जारी नहीं किया गया।
लगातार तीन दिन में तीन लिस्ट जारी
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत 28 फरवरी को प्रारंभिक फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई थी। इसके बाद:
- 23 मार्च: पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट
- 28 मार्च (रात): दूसरी लिस्ट
- 29 मार्च: तीसरी और अब चौथी लिस्ट
यानि शुक्रवार से रविवार तक लगातार तीन दिनों में तीन अतिरिक्त सूचियां जारी की गईं।
लाखों वोटरों के डेटा का निपटारा
आयोग के अनुसार:
- पहली सूची में करीब 27 लाख नाम
- दूसरी सूची तक 37 लाख नामों का निपटारा
- तीसरी सूची तक लगभग 38 लाख वोटरों का डेटा क्लियर
लेकिन इनमें से कितने वैध मतदाता बने और कितनों के नाम हटे—यह आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रक्रिया
यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। कुल 60 लाख से अधिक ‘विचाराधीन’ वोटरों के मामलों की जांच 705 न्यायिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
अब तक कितने नाम कटे?
- SIR से पहले कुल वोटर: 7.66 करोड़
- ड्राफ्ट लिस्ट में हटे: 58.20 लाख
- 28 फरवरी तक और हटे: 5.46 लाख
कुल मिलाकर अब तक लगभग 63.66 लाख नाम वोटर लिस्ट से हट चुके हैं। चौथी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी होने के बाद भी यह साफ नहीं है कि कुल कितने लोगों को अंतिम रूप से मतदाता के रूप में शामिल किया गया और कितनों को बाहर किया गया। इससे पारदर्शिता को लेकर सवाल भी उठ सकते हैं।