वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में भारत को एक और बड़ा झटका लगा है। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के मामले में भारत से आगे निकल गया है। इससे भारत वैश्विक शेयर बाजारों की सूची में एक पायदान नीचे खिसक गया है। इससे पहले ताइवान भी भारतीय बाजार को पीछे छोड़ चुका था, जिसके बाद यह एक सप्ताह के भीतर भारत के लिए दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर बना दक्षिण कोरिया की ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में आई तेज बढ़त की मुख्य वजह सेमीकंडक्टर उद्योग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स ने बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। AI मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग का सीधा लाभ इन कंपनियों को मिला है, जिससे कोरियाई शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई।
भारत का मार्केट कैप घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर के करीब
हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया है। वहीं दक्षिण कोरिया का बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर चुका है। भारतीय बाजार में पिछले कुछ महीनों से दबाव बना हुआ है। उच्च वैल्यूएशन, कंपनियों की कमजोर आय और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार में सुस्ती देखी जा रही है।
सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दबाव
साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
सैमसंग और SK Hynix ने दिखाई ताकत
दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix AI आधारित सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी में अग्रणी मानी जा रही हैं। इन कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने Kospi इंडेक्स को रिकॉर्ड ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी तेजी के दम पर दक्षिण कोरिया ने भारत सहित कई बड़े बाजारों को पीछे छोड़ दिया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं, लेकिन निकट भविष्य में बाजार को कॉर्पोरेट आय, विदेशी निवेश और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है। यह निवेश की सलाह नहीं। IND24 निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)