भोपाल की उत्तर विधानसभा में विधायक आरिफ अकील के पारिवारिक विवाद के बीच कांग्रेस ने आरिफ अकील के मंझले बेटे आतिफ अकील को प्रत्याशी बना दिया है। जबकि यहां यह उल्लेखनीय है कि आरिफ अकील के छोटे भाई और कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए आतिफ अकील के चाचा आमीर अकील बीते दिनों उत्तर विधानसभा क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन दिखाते हुए बड़ी रैली निकाल चुके हैं।
भोपाल की उत्तर विधानसभा कांग्रेस का गढ़
कांग्रेस ने गुरुवार रात अपने 88 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। कांग्रेस द्वारा जारी की गई दूसरी सूची में भोपाल की उत्तर विधानसभा से विधायक आरिफ अकील के मंझले बेटे आतिफ अकील को प्रत्याशी बनाया है। जबकि बीजेपी यहां भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा को अपनी पहली सूची में ही प्रत्याशी बना चुकी है। भोपाल की उत्तर विधानसभा कांग्रेस का गढ़ है। यहां साल 1998 से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ अकील ही विधायक बनते आ रहे हैं। लेकिन विधायक आरिफ अकील स्वास्थ्य कारणों की वजह से 2023 में होने जा रहे चुनाव से दूरी बनाने का मन बना चुके थे।परिवार की आपसी फूट जग जाहिर
अगस्त 2015 में उत्तर विधानसभा में आयोजित हुए सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विधायक आरिफ अकील ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने मंझले बेटे आतिफ अकील के नाम की घोषणा कर दी थी। विधायक अकील की इस घोषणा के साथ ही उनके परिवार की आपसी फूट जग जाहिर हो गई थी। उनके छोटे भाई और बड़े बेटे ने उत्तराधिकारी के नाम पर विरोध जता दिया था। विधायक अकील के भाई ने यह तो कह दिया था कि घुटना पेट की तरफ ही मुड़ता है, जबकि उनके बड़े बेटे ने भी मंच पर ही ताल ठोंक दी थी। फैमली विवाद के बावजूद कांग्रेस ने यहां से आरिफ अकील के मंझले बेटे को अपना प्रत्याशी बना दिया है।अकील परिवार में टिकट को लेकर विवाद
भोपाल की उत्तर विधानसभा से विधायक आरिफ अकील के विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को मैदान में उतरना पड़ा था। बावजूद दिग्विजय सिंह आरिफ अकील के फैमिली विवाद को नहीं सुलझा पाए थे। आतिफ अकील के चाचा और आरिफ अकील के छोटे भाई ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी शक्ति प्रदर्शन रैली निकालकर अपनी लोकप्रियता जगजाहिर की थी। फैमिली विवाद के बीच अब यहां मुकाबला रोचक नजर आ रहा है।Read More: एमपी विधानसभा चुनाव में परिवारवाद बन सकता है बड़ा मुद्दा, बुंदेलखंड में दिखी इसकी झलक
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