भोपाल शहर के हवा की गुणवत्ता खतरे की पैमाने से ऊपर होने की वजह से भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी पेट्रोल पंप में पीयूसी केंद्र को अनिवार्य करते हुए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं की आम जनता को गाड़ी के पीयूसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसी में बुधवार सुबह से ही कलेक्टर आशीष सिंह पीयूसी केंद्र पहुंचकर मशीनों की जांच करवाते हुए नजर आए। आपको बता दे वर्तमान में भोपाल का AQI 150 से अधिक है जो की खतरे से ऊपर चल रहा है।
बेवजह कचरे में आग न लगाएं
कमिश्नर डॉ. शर्मा ने नगर में चल रहे सभी बड़े निर्माण कार्यों पर ध्यान देने की बात कही है। निर्माण कार्यों में अपनाए जाने वाले पर्यावरण मानकों का पालन कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बेवजह कचरे में आग न लगाएं और सभी तरह की सावधानियों के साथ ही जरूरी निर्माण कार्य भी करें। उन्होंने पराली जलाने के मामलों को भी संज्ञान में लेने और किसानों को जागरूक करने की बात कही है। इसके साथ ही आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
वाहनों का प्रदूषण और खेतों में पराली जलाना बढ़ा कारण
भोपाल में एक्यूआई बढ़ने का कारण विकास कार्यों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तरफ से जारी निर्देशों का पालन नहीं होना बढ़ा कारण है। भोपाल के कोलार में 6 लेन निर्माण में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा मेट्रो प्रोजेक्ट, खस्ताहाल सड़कें, वाहनों का प्रदूषण और खेतों में पराली जलाना बढ़ा कारण है। भोपाल में कई जगह कचरे में खुले में आग लगाई जा रही है। दूसरी तरफ कार्रवाई के नाम तंदूर पर खाने बनाने पर कार्रवाई की जा रही है। जबकि कचरे में आग लगाने के मामले में मॉनीटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यह भी प्रदूषण का एक बढ़ा कारण है। भोपाल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में ग्रीन नेट नहीं लगाने पर पेनाल्टी, कचरा जलाने पर स्पॉट फाइन किया जा रहा है। वहीं, प्रदूषण रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में मशीनों से पानी का छिड़काव, सड़क की मैकेनिकल मशीन से सफाई की जा रही है। आगे उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में नमी के कारण बारीक कण नीचे रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
Comments (0)