छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में पुलिस के नक्सल उन्मूलन अभियान और आंतरिक क्षेत्रों में लगातार नए कैंपों की स्थापना का असर अब स्पष्ट दिखने लगा है। इन प्रयासों के चलते पुलिस का दबदबा तेज़ी से बढ़ रहा है और अबूझमाड़ जैसे अति संवेदनशील इलाकों में माओवादी संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं।
इस बढ़ते दबाव और विचारधारा से मोहभंग के चलते लंका और डूंगा पंचायत क्षेत्रों से जुड़े 16 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत, सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया।पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार की नीति के तहत पुनर्वास, सुरक्षा और सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी।