लाड़ली बहना योजना को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लाड़ली बहना योजना में दो लाख नाम घटाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष का वार
योजना को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाड़ली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज सीएम थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए सीएम मोहन यादव जी ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।
शंका गलत नहीं है
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि नए सीएम क्यों चाहेंगे कि लाड़ली बहना के 'प्यारे भैया' शिवराज जी ही बने रहें और मोहन यादव जी आपकी योजना को कर्ज लेकर ढोते रहें। लाडली बहना योजना' को लेकर लोगों की शंका गलत नहीं है कि सीएम बदलते ही इस योजना पर तलवार लटकी है। सरकार भले बीजेपी की है, पर सीएम का चेहरा तो नया है। अब लाडली बहनों को भी समझ आ रहा है कि ये बीजेपी का चुनावी पाखंड था, जिसका रंग उतरने लगा है।
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