Mahakal Flower Holi - महाकालेश्वर मंदिर में हर त्योहार सबसे पहले मनाए जाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसी क्रम में रंगो का उत्सव होली कैसे रह सकती थी। (Mahakal Flower Holi) महाकाल के आंगन में शुरू हो चुका है होली का उत्सव। आज यानी सोमवार को भस्म आरती के बाद भोले बाबा के साथ फूलों की होली मनाई गई।
महाकाल को 40 क्विंटल फूल अर्पित कर होली मनाई गई
पट खोलने के बाद भगवान बाबा महाकाल को जल से स्नान करवाया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को दूध, दही, शहद, घी और फलों के रस से अभिषेक किया गया। आपको बता दें कि, बाबा महाकाल को 40 क्विंटल फूल अर्पित कर होली का उत्सव मनाया गया। रजत त्रिशूल, त्रिनेत्र, मोगली और गुलाब के फूलों से बाबा महाकाल का राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
होली का पर्व बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया
होली का त्योहार भी महाकालेश्वर के आंगन में सबसे पहले शुरू किया गया। भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से सजे महाकाल रजत मुंडमाला और शेषनाग मुकुट में नजर आए। इस दौरान पंडित पुजारी और भक्तों ने 40 क्विंटल फूलों के साथ बाबा महाकाल राजा के साथ होली का पर्व बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया।
महाकाल को मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया
फूलों की होली के बाद बाबा महाकाल को मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। वहीं भस्म आरती में महानिर्वाणी अखाड़े की तरफ से भस्म अर्पित की गई। इस दौरान बाबा के दर पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु भाव विभोर होकर बाबा महाकाल को निहारते हुए दिखाई दिए।
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