विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का संबोधन। प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य सदन की उच्च गुणवक्तापूर्ण कार्यवाही के लिए विधायकों को सदन की कार्यवाही के लिए तैयार करना है। लोकसभा सचिवालय के सहयोग के बिना ये उद्देश्य हासिल करना मुश्किल होता। विधायक को हम सब चुने ही गए हैं लेकिन इस प्रबोधन के जरिए हम सबमें विधानसभा ही नहीं बल्कि व्यक्तित्व में अनुशासन जुड़ेगा।
आईएएस ऑफिसर भी 2 साल में रिफ्रेशर कोर्स करते हैं
विधानसभा में बोलने के लिए जितने नियम प्रक्रिया बने हैं ऐसे बहुत कम सदस्य होते हैं जो इन प्लेटफार्म का उपयोग ही नहीं कर पाते। यदि प्रक्रिया के अनुसार प्रश्न करें तो ऐसा कोई सदस्य नहीं बचेगा जो सदन में सवाल करने से वंचित रह जाए। सरकारी व्यवस्था में चपरासी से लेकर इस अफसर तक सभी तभी ठीक परफॉर्म कर पाता है जब सतत ट्रेनिंग लेते हैं। आईएएस ऑफिसर तक भी हर 2 साल में रिफ्रेशर कोर्स करते हैं।
सार्वजनिक हित के प्रश्नों का अध्यन जरूरी
आगे कहा कि, एकमात्र राजनीति ही ऐसा क्षेत्र है जहां किसी भी तरह की कोई न्यूनतम योग्यता का बंधन नहीं है। लेकिन जो विधायक सही तरह से अपने आप को ट्रेन करता है वो अपने क्षेत्र के लिए काम सही से कर पाता है। प्रशिक्षण और सदन दोनो में ही सदस्यों की उपस्तिथि जरूरी है। सार्वजनिक हित के प्रश्नों का अध्यन जरूरी।
सीएम से किया अनुरोध
विधानसभा क्षेत्र के लाभ के साथ समूचे क्षेत्र का लाभ भी सोचना चाहिए। विधायकों के आवास के लिए एक अनार और सौ बीमार जैसी स्तिथि होती है। विधायय रेस्ट हाउस 1956 में बना था वो आज अव्यावहारिक हो गया है। सीएम से एमएलए आवास के लिए नया प्रोजेक्ट लाने का तोमर किया अनुरोध।
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