Shobha Ojha: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब कांग्रेस हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की शुरुआत करने जा रही है। जिसका शुभारंभ 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन से ही किया जाएगा। इसी अभियान की जानकारी देने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा (Shobha Ojha) रायपुर पहुचीं हुई है। जहा उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की भी जानकारी दी। कांग्रेस ने इस अभियान के ज़रिये कुल 10 लाख बुथो तक जाने का लक्ष्य तय किया है। कांग्रेस राहुल गांधी का संदेश और भाजपा का आरोप पत्र भी इस अभियान के ज़रिये जनता तक पहुंचाएगी। वहीं कांग्रेस के इस अभियान को भाजपा अब चुनावी एजेंडा करार दे रही है।
हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के उद्देश्य बताएं
छत्तीसगढ़ पहुंची कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने इस दौरान जहां राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की जानकारी दी। वहीं हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के उद्देश्य बताएं साथ ही भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। शोभा ओझा ने केंद्र की मोदी सरकार पर पूंजी पतियों की सरकार होने का आरोप लगाते हुए कहा, आम आदमी से कोई सरोकार नहीं है। इस सरकार में पूंजीपति केवल पैसा कमा कर भाग रहे हैं इसमें किसानों की हालत खराब है। भाजपा केवल धर्म और जाति के नाम पर काम करती है।
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के जरिए बेरोजगारी महंगाई के मुद्दे पर फोकस किया है साथ ही शोभा ओझा ने भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस की विचारधारा के जरिए देश को तोड़ने का आरोप भी केंद्र पर लगाया। उन्होंने कहा कि इसी सोच को बदलने के उद्देश्य से राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा का सहारा लिया ताकि देश को एक बार फिर एकजुटता के साथ जोड़ा जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा
दूसरी तरफ कांग्रेस की भारत जोड़ो और हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को लेकर भाजपा का बयान भी सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इसके इस अभियान को चुनावी एजेंडा बताते हुए कहा, विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है इसलिए हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की बात हो रही है। मगर छत्तीसगढ़ में सारे हाथ एक दूसरे के विरोध में चल रहे हैं।
भाजपा कांग्रेस के अभियान को चुनावी प्रोपोगेंडा बता रही
कुल मिलाकर भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब हाथ से हाथ जोड़ो अभियान भले ही शुरू नहीं हुआ लेकिन अभियान पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस अपने इस अभियान को लोगों के बीच जाकर सच्चाई का खुलासा करने का तरीका बता रही है। तो दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस के इस अभियान को चुनावी प्रोपोगेंडा बता रही है। बहरहाल यह देखने वाली बात होगी कि आखिरकार कांग्रेस के इस अभियान और भाजपा के आरोप पत्र को लेकर जनता के बीच जाने का आखिरकार क्या निष्कर्ष निकलता है?
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