प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आंगनबाड़ी खोलने के लिए प्राथमिकता के आधार पर जल्द सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों से मंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बच्चे घर से दूर बने क्षेत्रों में बने स्कूलों में जाते हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में आंगनबाड़ी की व्यवस्था होने से प्राथमिक शिक्षा आसान होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सह पालना की व्यवस्था भी होगी
मंत्री ने कहा कि औद्योगिक शहरी क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं के छह माह से छह वर्ष के बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए आंगनवाड़ी सह पालना केंद्र संचालित किया जाएगा। 52 जिलों मे 448 आंगनवाड़ी सह पालना के प्रस्ताव का अनुमोदन केंद्र सरकार ने किया है।योगाभ्यास भी होगा
बैठक में मंत्री ने कहा कि 10 से 15 जनवरी तक महिला सशक्तिकरण सप्ताह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। इसके तहत 12 जनवरी को सभी बालक-बालिका गृह आंगनवाड़ी केंद्र पर योगाभ्यास किया जाएगा।19 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता प्रशिक्षित
महिला बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के प्रावधानों के अनुरूप बच्चों के लिए थीम आधारित पाठ्यक्रम अनुसार पुस्तक और शिक्षक मार्गदर्शिका तैयार की गई है। इसके लिए प्रथम चरण 19 हजार 353 आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केंद्र के सहयोग से पूर्ण किया गया है।Read More: लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी प्रदेश कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई 3 बड़ी बैठके
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