छत्तीसगढ़ के पंजीयन विभाग में पहली बार बाबू से लेकर अधिकारियों को एक साथ बदल दिया गया है। 60 से अधिक पंजीयकों, वरिष्ठ उप पंजीयकों, लिपिकों और कार्यरत सहायकों का तबादला सुबह 10 बजे किया गया। दोपहर तक सभी को कार्यमुक्त भी कर दिया गया। शाम तक ज्यादातर ने ज्वॉइनिंग भी दे दी है। इसे पंजीयन विभाग में कसावट व सुधार के दृष्टि से देखा जा रहा है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के सभी कर्मियों को बदल दिया गया। तबादला आदेश पूरी योजना बनाकर जारी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने तबादले के बाद किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की गुजाइंश नही छोड़ी । विभागीय अधिकारियों ने पहले ही हाई कोर्ट में कैविएट लगा दिया था, ताकि सरकार का पक्ष सुने बिना कोई फैसला न हो। बताया जाता है कि शुक्रवार को तबादला आदेश जारी करने के पीछे का उद्देश्य यह था कि कोई भी हाई कोर्ट न पहुंच पाए। हाईकोर्ट में शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। सरकार ने सोमवार को अवकाश घोषित किया है।
इनमें सबसे अधिक रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। यहां अच्छा परफार्मेंस करने वाले कर्मियों को लाया गया है। यह सबकुछ मंत्री ओपी चौधरी को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बिना पैसे के काम नहीं करते हैं।
मंत्री चौधरी ने कहा कि पंजीयन विभाग को 60 प्रतिशत राजस्व रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग से प्राप्त होते हैं और सबसे अधिक शिकायतें इन्हीं जिलों में मिल रही थीं। जिनका परफार्मेंस ठीक था, उनका तबादले में ख्याल रखा गया है। रजिस्ट्री विभाग में बहुत से अधिकारी और कर्मचारी लंब समय से जमे हुए थे।
छत्तीसगढ़ के पंजीयन विभाग में पहली बार बाबू से लेकर अधिकारियों को एक साथ बदल दिया गया है। 60 से अधिक पंजीयकों, वरिष्ठ उप पंजीयकों, लिपिकों और कार्यरत सहायकों का तबादला सुबह 10 बजे किया गया। दोपहर तक सभी को कार्यमुक्त भी कर दिया गया। शाम तक ज्यादातर ने ज्वॉइनिंग भी दे दी है। इसे पंजीयन विभाग में कसावट व सुधार के दृष्टि से देखा जा रहा है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के सभी कर्मियों को बदल दिया गया। तबादला आदेश पूरी योजना बनाकर जारी किया गया है।
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