उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित विश्वप्रसिद्ध माघ मेले के दौरान मंगलवार शाम एक अप्रत्याशित घटना ने श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को दहशत में डाल दिया। संगम क्षेत्र के सेक्टर पांच में स्थित एक शिविर में अचानक आग लग गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कुछ ही पलों में आग ने तंबुओं को अपनी चपेट में ले लिया और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ हादसा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, थाना झूंसी अंतर्गत श्री राम नाम एवं मानव प्रचार संघ के परिसर में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके चलते आग भड़क उठी। माघ मेले में अस्थायी बिजली व्यवस्था होने के कारण तारों पर अधिक लोड और ठंड के मौसम में हीटर जैसे उपकरणों का उपयोग इस तरह की घटनाओं की आशंका को बढ़ा देता है।
दमकल विभाग की तेज और प्रभावी कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही मेला क्षेत्र में तैनात दमकल विभाग की टीम हरकत में आ गई। सबसे पहले नजदीकी दो-पहिया दमकल वाहन को मौके पर भेजा गया, जिसने तुरंत आग पर नियंत्रण की कोशिश शुरू कर दी। इसके बाद महज दो मिनट के भीतर छह दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और समन्वित प्रयासों से आग बुझाने का कार्य तेज़ी से किया गया।
सीमित नुकसान, टली बड़ी जनहानि
दमकल अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दो तंबू पूरी तरह जलकर राख हो गए, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से पास के अन्य शिविर सुरक्षित बचा लिए गए। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो आग बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी और गंभीर हादसा हो सकता था।
कल्पवासियों में भय और अफरा-तफरी
आग की लपटें और धुआं देखकर कई कल्पवासी अपने तंबुओं से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि प्रशासन और स्वयंसेवकों ने लोगों को शांत किया और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। हालात सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठा सवाल
इस घटना ने माघ मेले जैसी विशाल धार्मिक आयोजन में सुरक्षा और विद्युत प्रबंधन की गंभीरता को फिर से उजागर कर दिया है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में बिजली कनेक्शन और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे खुले तारों, अवैध कनेक्शन और ज्वलनशील वस्तुओं के प्रयोग से बचें।
प्रशासन का भरोसा और आगे की तैयारी
मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। दमकल वाहनों की तैनाती, गश्त और सुरक्षा निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि माघ मेले की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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