शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तभी लाया जा सकता है जब विद्यालय में सुचारु रुप से पठन - पाठन की समुचित व्यवस्था हो। इसके बिना प्रयास अधूरे ही साबित होगे। कुछ इसी तरह के हालात सतना जिले के उंचेहरा तहसील के करहीकला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संकुल अंतर्गत पोंडी गरादा के माध्यमिक विद्यालय का है ।
इस माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की बात करें तो दो शिक्षक है
पोंडी गरादा के माध्यमिक विद्यालय की कक्षावार उपस्थित छात्रों की बात की जाए तो कक्षा 6 वीं में लड़के और लड़कियों को मिलाकर छात्र संख्या 28 है। इसी तरह 7 वीं में 25 और 8 वीं में 44 हैं। अब इस माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की बात करें तो दो शिक्षक जिसमें एक प्रधानआध्यापक गौरीशंकर पटेल जो माध्यमिक शिक्षक है और दूसरे इंद्रजीत सिंह जो प्राथमिक शिक्षक है।
कक्षा हमेशा ही खाली रहती है
दो शिक्षक दो ही कक्षा पढ़ा सकते है जबकि यहां तीन कक्षाएं 6 ,7 और 8 लग रही है। ऐसे में एक कक्षा हमेशा ही खाली रहती है । निश्चय ही खाली कक्षा में बैठे बच्चे पढ़ाई के नाम पर रोज टाइम पास कर अपने घर चले जाते हैं। घर से अभिभावक विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ने भेजते है लेकिन जिस तरह से इस स्कूल का नजारा आप के सामने है ऐसे में बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा कहा नही जा सकता ?
स्कूल के बच्चों के पास किताबे ही नहीं
यहां शिक्षकों की कमी तो है ही एक और कमी पुस्तकों की भी है। शिक्षण सत्र शुरु हुए 3 महीना बीतने को है लेकिन अभी तक इस स्कूल के बच्चों के पास किताबे ही नहीं है। आखिर किसकी कमी से यह हालत बने हुए है। यह कहा नहीं जा सकता । तीन माह से केवल वर्क बुक से बच्चें काम चला रहे है। वह भी सभी विषयों के वर्क बुक भी इनके पास नही ।
ऐसे में कैसे इन विषयो को पढ़ पाएंगे बच्चे
बता दें की बच्चों की परीक्षा की तैयारी उनके कक्षा की विषयवार किताबों से ही सम्भव है। किताब से सेलेब्स के आधार पर ही परीक्षा में प्रश्न पूंछे जाएंगे । वर्कबुक केवल बच्चों को अभ्यास कराने ,उनकी दक्षता बढ़ाने के लिये पढ़ाई जा रही है । सामाजिक विज्ञान ,संस्कृति और विज्ञान विषयो की दक्षता वर्कबुक भी नही आती ऐसे में कैसे इन विषयो को पढ़ पाएंगे बच्चे ।
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कक्षा में बिजली नहीं
विद्यालय में बच्चों के लिये शौचालय और न ही कक्षा में बिजली । बारिश के दिनों में तो ठीक है लेकिन विद्यालय में लाइट न होने से गर्मी के दिनों में कैसा हाल होता होगा इसका अहसास उस कक्षा में पढ़ने वाला बच्चा ही कर सकता है ।
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