सोमवार को आयोजित भोपाल संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलूसों का आयोजन देर रात तक ना हो। सघन क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का आवागमन सुगम किया जाए। जोन और थानों की सीमाओं का पुनर्निधारण जनप्रतिनिधियों की सहमति से ही किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में भोपाल संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में जोन और थानों की सीमाओं के प्रस्तावित युक्तियुक्तकरण का कार्य जनप्रतिनिधियों की सहमति से किया जाए। ऐसी व्यवस्था करें कि किसी भी जुलूस का संचालन देर रात तक न हो, आयोजन निश्चित समय सीमा में पूर्ण हों, इसके लिए शांति समितियों के साथ पहले से ही बैठक कर कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। सघन बस्तियों से त्योहारों के समय निकलने वाले जुलूसों में जिन क्षेत्रों में अपराध, हिंसा, अव्यवस्था की संभावना रहती है, उन क्षेत्रों का विकास पुलिस तथा नगरीय निकाय सहित अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर समन्वित रूप से किया जाए। उद्देश्य यह हो कि इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के साथ-साथ एम्बुलेंस , फायर ब्रिगेड आदि का आवागमन भी सुगम हो सके।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि 15 जनवरी से राजस्व प्रकरणों के निराकरण का अभियान चलेगा। वहीं, यह भी जानकारी बैठक में दी गई कि विकसित भारत संकल्प यात्रा से भोपाल संभाग में अभी तक 10 लाख लोग जुड़े हैं।
सोमवार को आयोजित भोपाल संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलूसों का आयोजन देर रात तक ना हो। सघन क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का आवागमन सुगम किया जाए। जोन और थानों की सीमाओं का पुनर्निधारण जनप्रतिनिधियों की सहमति से ही किया जाए।
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