जयप्रकाश अस्पताल में मंगलवार से मूक-बधिरों के लिए सांकेतिक भाषा में स्वास्थ्य सेवा देने की शुरुआत हुई। इसे वीडियो रिले सर्विसेज (वीआरएस) कहते हैं। डेफ कैन फाउंडेशन भोपाल ने साइनएबल कम्युनिकेशन प्रा. लि. बेंगलुरु के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की है। इसके जरिये मूक-बधिर सीधे बार कोड स्कैन कर संवाद कर सकेंगे। दूसरी ओर बैठा व्यक्ति उस संवाद को यहां उपस्थिति डाक्टरों को समझाएगा, जिससे मूक-बधिरों को इलाज में मदद मिल सकेगी।
बेंगलुरु की यह कंपनी भारत में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में वीआरएस की शुरुआत कर रही है। इससे जुड़ने के लिए परिसर में दस बार कोड लगाए गए हैं। आगे इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। जेपी अस्पताल में हर माह करीब 100 मूक-बधिर उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे काम करता है वीआरएस
सबसे पहले फोन से क्यूआर कोड को स्कैन करना है। क्यूआर कोड स्कैन होते ही अपना आडियो और कैमरा को स्वीकृति (अलाऊ) देना है। उसके बाद नाम हिंदी या अंग्रेजी में लिखना है। ज्वाइन ए मीटिंग पर क्लिक करते ही काल बेंगलुरु में बैठे अनुवादक से कनेक्ट हो जाएगा। फिर मूक-बधिर अपनी समस्या अनुवादक को बताएगा और अनुवादक काल से डाक्टर को समस्या के बारे में बताएगा।Read More: एमपी कांग्रेस की दूसरी सूची पर दिल्ली में मंथन आज, बैठक में शामिल होंगे दिग्गज
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