मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए लर्न एंड अर्न की तर्ज पर रोजगार दिलाने के साथ ही कौशल सिखाया जाएगा। युवाओं को उद्योगों के साथ सर्विस सेक्टर में कौशल प्रशिक्षण के साथ स्टाईपेंड भी दिया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण के लिए कंपनियों और सर्विस सेक्टर को जोड़ा जाएगा।
15 जून से पंजीयन
योजना में प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं का पंजीयन सात जून से और युवाओं का पंजीयन 15 जून से शुरू होगा। युवाओं का प्लेसमेंट 15 जुलाई से होगा। राज्य शासन और ट्रेनिंग देने वाली संस्थाओं के मध्य 31 जुलाई को अनुबंध होगा। योजना में युवाओं को एक अगस्त से प्रशिक्षण दिया जाना शुरू हो जाएगा।
8 से 10 हजार रुपये मिलेगा स्टाईपेंड
18 से 29 वर्ष के स्थानीय निवासी 5वीं से 12वीं उत्तीर्ण युवा को आठ हजार रुपये, आइटीआइ उत्तीर्ण को आठ हजार 500 रुपये, डिप्लोमाधारी को नौ हजार रुपये और स्नातक या उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं को दस हजार रुपये प्रतिमाह स्टाईपेंड दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में एक लाख युवाओं को 703 चिह्नित क्षेत्रों में दक्ष करने का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। इनमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रायबल, अस्पताल, रेलवे, आइटी सेक्टर, साफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड अकाउंटेंट, मीडिया, कला, कानूनी और विधि सेवाएं, शिक्षा प्रशिक्षण, सेवा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठान आदि को शामिल किया गया है।
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