एमपी में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है । ऐसे में मध्यप्रदेश में मिशन 2023 की तैयारी जोरो शोरो से शुरू हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति की घोषणा कर दी है। कांग्रेस चुनाव अभियान समिति की घोषणा पर बीजेपी ने तंज कसा है। बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर पीसीसी चीफ कमलनाथ पर निशाना साधा है।
कमलनाथ को पीछे किया
नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर लिखा है कि- एक बार फिर कमलनाथ को पीछे किया है। कल ही सीनियर ऑब्जर्वर के रूप में रणदीप सुरजेवाला की नियुक्ति हुई और आज उनके ऊपर कांतिलाल भूरिया को बैठा दिया गया। देखा जा सकता है कि कमलनाथ को पहले पार्टी ने चेहरा बनाने से इनकार किया और अब उनके चेहरे को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख ना बनाकर नकार दिया गया है।
कई योग्य जिम्मेदार लोगों के नाम नदारद
नरेंद्र सलूजा ने आगे लिखा कि इस समिति में कई योग्य जिम्मेदार लोगों के नाम नदारद है। यहां भी परिवारवाद जमकर चला है। जहां एक तरफ कमलनाथ का नाम, वहीं नकुल नाथ का नाम भी है। इसी तरह जहां दिग्विजय सिंह का नाम, वहां लक्ष्मण सिंह का नाम भी है। समिति में कई वरिष्ठों के नाम नदारद है। इनमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया औरपूर्व मंत्री सचिन यादव का नाम नदारद है।
उमंग सिंगार का भी नाम नदारद
इसी तरह आदिवासी वर्ग से आने वाले पूर्व मंत्री उमंग सिंगार का भी नाम नदारद है। आदिवासी विधायक हीरालाल अलावा, अर्जुन काकोडिया, बैजनाथ कुशवाह, पांचीलाल मेडा जैसे कई आदिवासी विधायकों के भी नाम समिति से नदारद है।
34 सदस्यों वाली चुनाव अभियान कमेटी का गठन
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव संचालन के लिए कांग्रेस ने एक 34 सदस्यों वाली चुनाव अभियान कमेटी का गठन किया है। इसमें कांतिलाल भूरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इस साल के अंत होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 15 अगस्त के पहले कई अन्य समितियों का भी गठन कर सकती है। विस चुनाव को लेकर पार्टी ने आदिवासी समाज पर फोकस किया है।
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