मध्य प्रदेश में अपने इस्तीफे को लेकर पूरे प्रदेश भर में चर्चाओं में आईं छतरपुर की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को जमानत मिली गई है। वो मंगलवार की रात नौ बजे जेल से बाहर आईं और जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपने साढ़े तीन वर्षीय बेटे सम्यक को गले लगाया। इस बीच इस मामले में कांग्रेस भी फ्रंट फूट पर आ गई है। यही वजह है कि, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह डिप्टी निशा बांगरे से मिलने पहुंचेंगे। बता दें कि, डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने चुनाव लड़ने की मंशा से इस्तीफा दिया था। जिसे सरकार ने मंजूर नहीं किया। नतीजतन इस्तीफा मंजूर कराने के लिए निशा बांगरे ने बैतूल के आमला से पदयात्रा शुरु की थी।
यह पदयात्रा दो दिन पहले राजधानी भोपाल पहुंची, जहां बोर्ड ऑफिस चौराहे पर ही पुलिस ने निशा बांगरे को गिरफ्तार कर लिया था और जेल पहुंचा दिया था। निशा बांगरे जेल में भी भूख हड़ताल पर डटी थी। उनके पति सुरेश अग्रवाल, भाई कमलेश कुमार सहित अन्य परिजन जमानत के लिए सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक एमपी नगर स्थित एसपी ऑफिस में डटे रहे। शाम 5.30 बजे उन्हें जमानत संबंधी दस्तावेज मिल सके, जिन्हें लेकर परिजन जमानत के लिए 7.30 बजे सेंट्रल जेल पहुंचे थे।
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