Dhar: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के साथ-साथ पूरे देश भर मे बसंत पंचमी (Basant Panchami 2023) का उत्सव भी मनाया जाएगा। इस बार धार की भोजशाला में बसंत पंचमी को लेकर तैयारीयां जोरो शोरो से चल रही है। बता दें कि महाराजा भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति द्वारा भोज उत्सव आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 26 से 28 जनवरी तक आयोजन होगा। वहीं 31 जनवरी को सत्याग्रह व कन्या पूजन के साथ समापन होगा। मां सरस्वती का पूजा अर्चना की जाएगी। इस बार सुबह से शाम तक वेदारंभ संस्कार होगा।
कोरोना के तीन साल बाद भंडारे का आयोजन
बीतें सालों में कोरोना की वजह से भंडारे का आयोजन रोक दिया गया था। जो अब फिर से शुरू होने जा रहा है। बता दें कि यहां अलग-अलग समाजजनों द्वारा 15 से अधिक स्टाल लगाए जाएंगे जहां निशुल्क भोजन मिलेगा। इसमें बाहर से आने वाले लोगों को इस बार भूखे पेट नहीं जाना होगा।
इन कार्यक्रमों का होगा आयोजन
बसंत पंचमी (Basant Panchami 2023) 26 जनवरी को 7:00 बजे मां सरस्वती का यज्ञशाला में प्रारंभ होगा। वहीं प्रातः 11 बजे मां वाग्देवी की शोभायात्रा लालबाग से प्रारंभ होगी।जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए दोपहर 12:30 बजे भोजशाला पहुंचेगी। इसके बाद धर्म सभा का आयोजन किया जाएगा। इस बार मुख्य अतिथि और वक्ता के तौर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार होंगे। विशेष अतिथि के तौर पर इस मौके पर राज्यसभा सदस्य डा सुमेर सिंह सोलंकी मौजूद रहेंगे। सभा के बाद दोपहर 1:30 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
वहीं दूसरे दिन यानी 27 जनवरी शुक्रवार को दोपहर तीन बजे मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन होगा।सम्मेलन की मुख्य अतिथि एवं वक्ता संत सिया भारतीजी होंगी। रात्रि में बाबा खाटू श्याम जी का भव्य दरबार सजेगा। 28 जनवरी को दोपहर एक बजे वाद संवाद प्रतियोगिता होगी।रात्रि नौ बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।इसके सूत्रधार कवि संदीप शर्मा होंगे।31 जनवरी मंगलवार को नियमित सत्याग्रह होगा।साथ ही प्रातः 10 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन अखंड संकल्प ज्योति मंदिर परिसर में होगा।
पूरे शहर में दिया निमंत्रण
बसंत उत्सव को लेकर समिति के करीब 200 से अधिक कार्यकर्ता विगत दो माह से तैयारियां कर रहे हैं। वहीं हिंदू समाज के घर-घर जाकर पीले चावल देकर निमंत्रण दिया जा रहा है। साथ ही शहर को भगवा मय किया जा रहा है। बसंत पंचमी को लेकर हिंदू समाज को पूरे साल इंतजार रहता है। बसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजशाला में प्रवेश की अनुमति होती है। साथ ही मां सरस्वती का तेल चित्र ले जाने के साथ ही धार्मिक आयोजन करने की अनुमति होती है।आयोजन को लेकर समिति द्वारा अंतिम रूम में तैयारी जारी है। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा भी कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तैयारियां की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
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