धार जिले में विधानसभा चुनाव को देखते हुए 11, 12 और 13 अक्टूबर को निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें आठ शिक्षकों सहित नौ कर्मचारियों ने बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित रहते हुए लापरवाही बरती। इस बात की शिकायत जब कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा के पास पहुंची तो उन्होंने सभी नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इसके अलावा दूसरे कर्मचारियों और अधिकारियों को भी स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है।
कार्यक्रम में आठ शिक्षक सहित नौ कर्मचारी अनुपस्थित
जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि सभी विधानसभा मुख्यालयों पर निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को बताया गया। इस निर्वाचन कार्यक्रम में आठ शिक्षक सहित नौ कर्मचारी अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पहले ही आदेश जारी कर दिया गया था कि निर्वाचन अवधि में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित नहीं रह सकता है।अनुपस्थित रहने पर कर्मचारियों को किया गया निलंबित
उन्होंने बताया कि इस चेतावनी के बावजूद कर्मचारियों ने लापरवाही बरती, जिसकी शिकायत अलग-अलग क्षेत्र से प्राप्त हुई थी। इसके बाद सभी नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा निर्वाचन कार्य में लगे दूसरे कर्मचारियों अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी ठोस कारण अथवा सूचना के किसी भी कार्य या प्रशिक्षण के दौरान अनुपस्थित ना रहे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की जाएगी।9 शिक्षकों को किया निलंबित
जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने धार जिले के नौ शिक्षकों को निलंबित किया है। इनमें भगवान सिंह बघेल, कैलाश परमार, श्याम सुंदर, बहादुर सिंह, अक्षय उपाध्याय, बृजेश कुमार, भैरव सिंह बघेल, भूर सिंह जामोद शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग के कर्मचारी गोपाल खराड़ी को भी अनुपस्थित रहने पर निलंबित कर दिया गया है।Read More: एमपी कांग्रेस की दूसरी लिस्ट का इंतजार खत्म, कुछ देर में जारी होगी सूची !
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