मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद से अलग-अलग स्थान पर बनी दो मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बदल रहा है। जिसकी वजह से आंशिक बादल बने रहने के बाद भी दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेश में सबसे अधिक 34.9 डिग्री सेल्सियस तापमान राजधानी भोपाल में दर्ज किया गया है। जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
तापमान में भी मामूली गिरावट हुई
वहीं मध्यप्रदेश के ग्वालियर, सीधी और दमोह में बुधवार को 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहा। रात के तापमान में भी मामूली गिरावट हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार,अक्टूबर में प्रदेश में सुबह और शाम को गुलाबी ठंड रहेगी। नवंबर में ठंड का असर तेज हो जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि सोमवार तक हवाओं का रुख दक्षिण-पश्चिम था, जो अब बदलकर उत्तर-पश्चिमी हो गया है। इस कारण दिन-रात के तापमान में गिरावट हो रही है। बुधवार को इसका असर तापमान पर देखने को मिला है।
हवा का रुख दक्षिण पूर्वी हो रहा
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास एक पश्चिमी विकशॉप द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। वहीं दक्षिण पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। इन दो मौसम प्रणालियों के अतिरिक्त मध्य प्रदेश और राजस्थान में एक प्रति चक्रवात भी सक्रिय है। इसकी वजह से हवा का रुख दक्षिण पूर्वी हो रहा है।
आंशिक बादल बने हुए
हालांकि वातावरण में कुछ नमी रहने के कारण राजधानी सहित प्रदेश के कई जिलों में आंशिक बादल बने हुए हैं। लेकिन इसकी वजह से अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना नहीं है। बता दें कि 22 अक्टूबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने के संकेत मिले हैं। उसके असर से तापमान में कुछ कमी दर्ज हो सकती है।
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