मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला वर्सेज कमाल मौला मस्जिद के प्रमाणों को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश के बाद जारी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ( ASI ) का गुरुवार को 84वां दिन गुजरा। पुरातत्व विभाग के अफसरों की 8 सदस्यीय टीम के साथ 27 मजदूर सुबह करीब 8.30 बजे सर्वे के लिए भोजशाला परिसर में एंटर हुए थे और 5 करीब बजे सर्वे का काम निपटाकर बाहर निकले। बताया जा रहा है कि इस दौरान टीम ने भोजशाला के गर्भगृह के सामने की ओर खुदाई की ट्रेंच को भरने का काम किया। यही नहीं, कल बहुत हद तक लेबलिंग का काम भी निपटाया गया।
एएसआई टीम में सदस्यों की संख्या कम थी। इसके पीछे कारण ये सामने आया है कि टीम के लगभग आधे सदस्य मांडू गए हुए थे। दरअसल, मांडू में भोजशाला से संबंधित जो भी अवशेष रखे हुए हैं उनकी जांच के लिए टीम वहां गई हुई थी, जो रात में ही लौट आई है। ऐसे में भोजशाला में जारी सर्वे के काम को बड़े स्तर पर नहीं किया गया। सिर्फ ट्रेंचों को मिट्टी से भरने और लेबलिंग का काम ही निपटाया गया। इसके अलावा उत्तर-पूर्व के कोने में जो अवशेष रखे गए थे, आज उनको वहां से दूसरे जगह शिफ्ट किया गया और उसे जगह पर खुदाई का काम किया गया।
भोजशाला वर्सेज कमाल मौला मस्जिद की प्रमाणिकता को लेकर जारी एएसआई टीम के वैज्ञानिक सर्वे के 84वें दिन ट्रेंच भरने का काम किया गया। भोजशाला से संबंधित अवशेषों की जांच के लिए मांडू रवाना हुई आधी टीम।
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