मौनी अमावस्या के अवसर पर नर्मदा तटीय गांव छीपानेर, सातदेव, मंडी, नीलकंठ, सीलकंठ, बाबरी सहित रेहटी क्षेत्र के आवंलीघाट में हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान कर मां नर्मदा की विशेष पूजा-अर्चना की। इस बार मौनी अमावस्या पर ग्रहों का शुभ योग बताया जा रहा था, जिसमें चंद्रमा, सूर्य और बुध मिलकर त्रिवेणी योग बना रहे थे, जो नर्मदा स्नान के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे थे। इसके चलते नर्मदा तटों पर भक्तों की भारी भीड़ रही।
विद्वानों के अनुसार, विशेष रूप से तीनों ग्रह एक साथ मकर राशि में गोचर कर रहे थे। नर्मदा स्नान के साथ इस विशेष संयोग के बीच जातकों ने पितृ दोष और कालसर्प दोष की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न की। बुधवार को मौनी अमावस्या पड़ने से यह तिथि पितरों को समर्पित मानी गई।
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